
दुर्ग, द मीडिया पॉइंट। दुर्ग जिले से सामने आए एक सनसनीखेज मामले में नौकरी दिलाने के नाम पर एक नाबालिग लड़की के साथ कई वर्षों तक सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का खुलासा हुआ है। इस प्रकरण में पुलिस ने मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सांसद का निजी सचिव सहित दो आरोपी अभी भी फरार हैं।
पीड़िता ने अपनी मां के साथ महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने वर्ष 2018 से 2023 के बीच पीडब्ल्यूडी विभाग में संविदा नौकरी दिलाने का झांसा देकर लगातार उसका शोषण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले होटल सागर के मैनेजर विजय स्वाइन, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार अनिल चौधरी और पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त कर्मचारी गोविंद सिंह नागवंशी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब इस मामले के मुख्य आरोपी राजू कश्यप उर्फ कृपा शंकर कश्यप, जो पीडब्ल्यूडी विभाग में टाइम कीपर के पद पर पदस्थ है, को उसके पैतृक गांव गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने पहले पीड़िता की मां को नौकरी दिलवाई। इसके बाद जब पीड़िता काम पर जाने लगी, तो उसे योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया। पीड़िता के बालिग होने के बाद उसे नौकरी पक्की कराने के बहाने दुर्ग सांसद के निजी सचिव से मिलवाया गया। इसी दौरान पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और निजी होटलों में शोषण की घटनाओं को अंजाम दिया गया।
इस प्रकरण में दुर्ग सांसद विजय बघेल के निजी सचिव भीम नारायण पांडेय और पीडब्ल्यूडी ठेकेदार संजय पंडित के नाम भी सामने आए हैं, जो फिलहाल फरार हैं।
जिला पुलिस प्रवक्ता मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर कुल छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने और ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। नौकरी के नाम पर किए गए इस जघन्य अपराध ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और सनसनी फैला दी है।
