
बालोद, कुणाल सिंह ठाकुर। आज के समय में जब ईमानदारी की मिसालें कम सुनने को मिलती हैं, ऐसे में बालोद जिले के दल्लीराजहरा से मानवता और नैतिकता को मजबूत करने वाली एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है। यहाँ एक डॉक्टर ने सड़क पर मिले पैसों से भरे बैग को बिना किसी लालच के पुलिस को सौंपकर समाज के सामने ईमानदारी की मिसाल पेश की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साल्हे पोस्ट ऑफिस में पदस्थ कर्मचारी वरुण ठाकुर (निवासी ग्राम गैंजी) उपभोक्ताओं से एकत्र की गई राशि लेकर कार्यालय जा रहे थे। इसी दौरान निर्मला स्कूल के पास सड़क पर बने ब्रेकर से गुजरते समय उनकी बाइक असंतुलित हो गई, जिससे पैसों से भरा बैग सड़क पर गिर गया। उन्हें इसका पता तब चला जब वे काफी आगे निकल चुके थे।
उसी मार्ग से गुजर रहे कोण्डे पावर हाउस अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर सुरेंद्र साहू की नजर सड़क किनारे पड़े लावारिस बैग पर पड़ी। जब उन्होंने बैग खोलकर देखा तो उसमें बड़ी मात्रा में नगदी थी। बिना समय गंवाए डॉक्टर साहू ने बैग को सुरक्षित रूप से राजहरा थाना पहुंचाया।
थाना पुलिस द्वारा बैग की जांच करने पर उसमें नगदी के साथ पोस्ट ऑफिस की एक पर्ची मिली। पर्ची के आधार पर पुलिस ने तुरंत संबंधित पोस्ट ऑफिस से संपर्क किया, जहाँ से पुष्टि हुई कि यह राशि पोस्ट ऑफिस कर्मचारी वरुण ठाकुर की है।
पुलिस ने वरुण ठाकुर को थाने बुलाकर पहचान की प्रक्रिया पूरी की और सत्यापन के बाद उन्हें पूरे ₹69,500 सुरक्षित लौटा दिए। अपनी खोई हुई मेहनत की कमाई वापस पाकर वरुण भावुक हो उठे। उन्होंने डॉक्टर सुरेंद्र साहू की ईमानदारी और राजहरा पुलिस की तत्परता के लिए दिल से आभार व्यक्त किया।
यह घटना न सिर्फ ईमानदारी की मिसाल है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समाज में आज भी सच्चाई और इंसानियत ज़िंदा है।
