
छत्तीसगढ़, the media point। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की स्कूली अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल की है। स्कूल शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य की 62 शालाओं में नए स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 7 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी बहुल इलाकों में शिक्षा सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं को सीधा लाभ
स्वीकृत कुल राशि में से 30 पूर्व माध्यमिक शालाओं के भवन निर्माण हेतु 3 करोड़ 55 लाख रुपये तथा 32 प्राथमिक शालाओं के लिए 3 करोड़ 67 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक पूर्व माध्यमिक शाला के लिए 11.84 लाख रुपये और प्रत्येक प्राथमिक शाला के लिए 11.48 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इन जिलों में बनेंगे पूर्व माध्यमिक स्कूलों के नए भवन
पूर्व माध्यमिक शालाओं के नए भवन जशपुर, कोण्डागांव, बीजापुर, बस्तर, कांकेर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कोरबा, सूरजपुर और सरगुजा जिलों के विभिन्न विकासखंडों में बनाए जाएंगे। इनमें जशपुर जिले के मनोरा, कुनकुरी, पत्थलगांव और कांसाबेल सहित कोण्डागांव, माकड़ी, केशकाल, भोपालपटनम, भैरमगढ़, बस्तानार, बकावंड, नरहरपुर, अंतागढ़, छिंदगढ़, गीदम, सीतामणी, प्रतापपुर, मैनपुर और लुण्ड्रा क्षेत्र शामिल हैं।
32 प्राथमिक शालाओं को भी मिलेगा आधुनिक भवन
प्राथमिक शालाओं के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति जशपुर, मनेन्द्रगढ़-भरतपुर, कोण्डागांव, कांकेर, सुकमा, बीजापुर, बस्तर, गरियाबंद, सूरजपुर, कोरबा, बलरामपुर और रायगढ़ जिलों में दी गई है। इनमें अधिकांश शालाएं आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों की हैं, जहां लंबे समय से आधारभूत ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
भूमि आबंटन के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
शासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित शालाओं को भूमि आबंटित होने के पश्चात भवन निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और व्यय का विवरण विभाग को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। नए भवनों के निर्माण से अनुसूचित जनजाति बहुल और दूरस्थ इलाकों के विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जिससे स्कूल उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
