
बस्तर, द मीडिया पॉइंट। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 माओवादी कैडरों का समाज की मुख्यधारा मे वापसी, जिनमें से कुल 44 महिला माओवादी कैडर शामिल हैं। 108 माओवादी कैडरों पर 3.29 करोड़ रुपयों का इनाम घोषित है। पूनर्वास करने वाले माओवादी कैडरों से प्राप्त सूचना तथा अन्य आसूचना के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा कार्रवाई करते हुए AK-47, INSAS, LMG, BGL सहित कुल 101 घातक हथियारों की बरामदगी विभिन्न डम्पों से की गई, जो नक्सल विरोधी अभियानों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देश के नक्सल विरोधी अभियान की इतिहास में एक ही स्थल से सर्वाधिक रुपया 3.61 करोड़ की नगदी रकम तथा रुपया 1.64 करोड़ मूल्य का 01 कि.ग्रा. सोना माओवादियों द्वारा की गई डम्प से बरामद की गई। ‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ की पहल से प्रभावित होकर छ.ग. राज्य में विगत 26 महिनों में कुल 2714 माआवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ कर शांति पूर्ण एवं सामाजिक जीवन हेतु अग्रसर हुए। उल्लेखनीय है कि बस्तर संभागांतर्गत 01 जनवरी 2024 से लेकर 09 मार्च 2026 तक की अवधि में कुल 2625 माओवादी कैडरों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन का मार्ग अपनाया है। दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के पश्चिम बस्तर डिवीजन के DVCM राहूल तेलाम, पण्डरु कोवासी एवं झितरु ओयाम, पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी के DVCM रामधर उर्फ बीरु, उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी के DVCM मल्लेश, PLGA बटालियन नं. 01 CYPC कमांडर मुचाकी, आंध्रा ओडिषा बार्डर (AOB) के DVCM कोसा मण्डावी जैसे प्रमुख नक्सल कैडर ने माओवादी संगठन के औचित्यहीनता एवं अंत को स्वीकारते हुए राष्ट्र कीे मुख्यधारा में लौट आये। मुख्यधारा में लौट आये माओवादी कैडर्स के पुनर्वास, सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन के लिए अवसर प्रदान कर उन्हें समाज में अंगीकृत करने हेतु भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों के अनुरुप सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। माओवादियों के डम्प से 07 नग AK-47, 10 नग INSAS रायफल, 05 नग SLR रायफल, 04 नग LMG रायफल, 20 नग .303 रायफल, 11 नग BGL लांचर्स सहित कुल 101 हथियार बरामद कर वर्तमान में कमजोर हो चुके माओवादी संगठन के सैन्यबल क्षमता को गहन आघात पंहुचाया गया है।
