
बिलासपुर, द मीडिया पॉइंट। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में डॉक्टरों की सतर्कता और आधुनिक उपचार पद्धति के चलते एक 5 वर्षीय बच्चे की जान बचा ली गई। बच्चे के गले में फंसे सिक्के को बिना सर्जरी के एंडोस्कोपिक तकनीक से सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया।जानकारी के अनुसार, चिरमिरी जिले के धवलपुर निवासी नितिन सिंह खेलते समय 5 रुपये का सिक्का निगल गया, जो उसके गले में जाकर फंस गया। इससे बच्चे को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी और उसकी हालत बिगड़ने लगी। घबराए परिजन तुरंत उसे सिम्स अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बिना देर किए इलाज शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञों की टीम बनाई गई। ईएनटी विभाग के नेतृत्व में चिकित्सकों ने बच्चे को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर एंडोस्कोपिक तकनीक का इस्तेमाल किया।इस आधुनिक प्रक्रिया में बिना किसी बड़े चीरे के विशेष उपकरणों की मदद से गले में फंसे सिक्के को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया टीम ने बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। डॉक्टरों की कुशलता और बेहतर समन्वय के चलते ऑपरेशन सफल रहा।फिलहाल बच्चा सुरक्षित है और तेजी से स्वस्थ हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल लाने और सही उपचार मिलने से बड़ा खतरा टल गया।
स्वास्थ्य विभाग ने इस सफल इलाज को चिकित्सा व्यवस्था की उपलब्धि बताते हुए डॉक्टरों की सराहना की है। वहीं परिजनों ने भी समय पर मिली मदद के लिए अस्पताल के स्टाफ का आभार जताया।

