
सूरजपुर, कुणाल सिंह ठाकुर। कांग्रेस का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन मंगलवार को सूरजपुर में आयोजित किया गया जिसमें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य रूप से शामिल हुए। सम्मेलन में पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक पारस नाथ राजवाड़े सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों को लेकर गंभीर नहीं है। धान खरीदी में लगातार अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं और किसानों को परेशान किया जा रहा है।बघेल ने कहा कि किसानों के रकबे काटे जा रहे हैं वहीं वन अधिकार पट्टा धारक किसानों से धान की खरीदी नहीं हो पा रही है। कई किसानों के भुगतान रोके गए हैं और टोकन प्राप्त करने में भी उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा राशन कार्ड से नाम हटाए जाने के कारण गरीबों को राशन नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही बढ़े हुए बिजली बिलों से प्रदेश की जनता परेशान है। मनरेगा के कार्य बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों पर सीधा असर पड़ा है जिसे लेकर कांग्रेस सड़कों पर संघर्ष करेगी। पार्टी में गुटबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस में जिसे गुटबाजी कहा जाता है वह दरअसल पार्टी की ताकत है।
हर कार्यकर्ता किसी न किसी नेता से जुड़ा होता है इसे गुटबाजी के रूप में देखना सही नहीं है।धर्मांतरण से जुड़े विवाद पर बोलते हुए बघेल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करने का अधिकार है। इस मुद्दे को लेकर जो विवाद हुआ, वह कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय था और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उसने इस दिशा में क्या कार्रवाई की है।प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर गृहमंत्री पर निशाना साधते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश उनसे संभल नहीं पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध दर लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार इसे नियंत्रित करने में असफल साबित हो रही है।
