
रायपुर, द मीडिया पॉइंट। रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद की स्थिति, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और बस्तर के समग्र विकास को लेकर गहन मंथन किया गया। बैठक में यह आकलन किया गया कि किस तरह सुरक्षा और विकास की रणनीति को साथ-साथ आगे बढ़ाकर स्थायी शांति सुनिश्चित की जा सकती है।
बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ माना जाता था, वह आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के तहत विकास की नई मिसाल बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के युवा अब खेल, फॉरेंसिक साइंस और तकनीकी शिक्षा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं, वहीं अपनी सांस्कृतिक पहचान और विरासत को भी सहेज कर रखे हुए हैं।समीक्षा बैठक में नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने, आत्मसमर्पण नीति को और प्रभावी बनाने तथा नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया।
साथ ही बस्तर क्षेत्र को एक सशक्त आदिवासी संभाग के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया, जिससे वहां के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिल सके।बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और प्रशासनिक मजबूती के जरिए ही नक्सल समस्या का स्थायी समाधान संभव है।इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, CRPF, BSF, ITBP के शीर्ष अधिकारी, NIA के महानिदेशक सहित छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
