
महासमुंद, द मीडिया पॉइंट। जिले के सांकरा थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी के मामले में पुलिस विभाग का ही एक आरक्षक आरोपी के रूप में सामने आया है। मामले में पुलिस ने एक आरक्षक समेत तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि आरोपी आरक्षक फरार है। इसकी पुष्टि एडिशनल एसपी ने की है।पुलिस को 3 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति स्कूटी में गांजा लेकर जा रहा है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ओडिशा के बरगढ़ जिले के जगदलपुर निवासी टीटू उर्फ सोलन दास (38) को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से पीले रंग के कैरी बैग में करीब 4.87 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 1 मार्च को बसना थाना में पदस्थ आरक्षक पीयूष शर्मा और अखराभांठा निवासी धर्मेंद्र सोनी ने उसे करीब 18 किलोग्राम गांजा लाकर दिया था। इस खुलासे के बाद सांकरा पुलिस ने दोनों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने धर्मेंद्र सोनी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आरक्षक पीयूष शर्मा फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 18 किलो 47 ग्राम गांजा (कीमत लगभग 9 लाख रुपये), एक बिना नंबर की स्कूटी (कीमत करीब 80 हजार रुपये), आरक्षक की बुलेट मोटरसाइकिल (कीमत लगभग 1 लाख रुपये) और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 11 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है।पहले भी सामने आ चुका है मामलागौरतलब है कि करीब दो माह पहले भी रक्षित केंद्र में पदस्थ आरक्षक चंद्रशेखर साहू को शिवरीनारायण पुलिस ने 15.700 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में 6 फरवरी को एसपी ने आरक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। पुलिस विभाग से जुड़े लोगों के नाम इस तरह के मामलों में सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल फरार आरक्षक की तलाश जारी ।
