
ढाका, कुणाल सिंह ठाकुर। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला शरीयतपुर जिले से सामने आ रह है जहां खोकन चंद्र नामक एक हिंदू युवक पर उग्र भीड़ ने बेहद क्रूर हमला किया। गंभीर रूप से घायल खोकन चंद्र ने सूझबूझ दिखाते हुए पास के तालाब में कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर शाम खोकन चंद्र काम खत्म कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमलावरों ने लात-घूंसे चलाने के साथ-साथ धारदार हथियारों से हमला किया। इसके बाद उन पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई। हालात जानलेवा हो चुके थे लेकिन खोकन चंद्र किसी तरह भागकर पास के तालाब में कूद गए।
घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अल्पसंख्यक समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। अब तक प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार का कोई ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।
विदित हो कि पिछले दो हफ्तों में हिंदू समुदाय के खिलाफ यह तीसरी गंभीर हिंसक घटना है। 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास की भीड़ ने हत्या कर थी जबकि 25 दिसंबर को अमृत मंडल को पीट-पीटकर जान ले ली गई थी। हालांकि दूसरे मामले को लेकर बांग्लादेश सरकार ने इसे आपराधिक विवाद बताया था।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन मामलों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
