
लोरमी, कुणाल सिंह ठाकुर। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक अभियान “एक पेड़ मां के नाम” से प्रेरित होकर शिक्षा साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन छत्तीसगढ़ का प्रयाग राजिम में किया गया। जिसमें साझा काव्य संग्रह “एक पेड़ मां के नाम” का विमोचन राज्यपाल रमेन डेका ने राजभवन में अपने करकमलों से किया। उन्होंने कहा कि आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिक असंतुलन की चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में साहित्य का यह स्वरूप लोगों को प्रेरित करता है कि प्रकृति से जुड़ें, उसे समझें और उसकी रक्षा करें। यह काव्य संग्रह पाठकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनने के लिए प्रेरित करेगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयोजनकर्ता शिक्षकों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि मां और प्रकृति दोनों ही निः स्वार्थ प्रेम, ममता जीवन और आश्रय प्रदान करती हैं, इनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव परम आवश्यक है।

मंत्री अग्रवाल के करकमलों से जिला मुंगेली के विकास खण्ड लोरमी अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सेनगुड़ा, के प्रधान पाठक अशोक कुमार टोण्डे को साहित्य साधक सम्मान से अलंकृत किया गया ,उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह , अंगवस्त्र, श्रीफल एवं उनकी पुस्तक गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कृति “एक पेड़ मां के नाम” भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन अध्यक्ष चंदूलाल साहू, राजिम विधायक रोहित साहू ,धावे विद्यापीठ, गोपालगंज, बिहार के कुलपति डॉ विनय कुमार पाठक, तथा शिक्षक साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ के संयोजक सागर कुमार शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा विभा अवस्थी, वरिष्ठ साहित्यकार मीर अली मीर, राजिम नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव सहित अनेक साहित्यकार, समाजसेवी, एसडीएम विशाल महाराणा,जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, सांख्यिकी अधिकारी श्याम चंद्राकर, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। शिक्षक साहित्य परिषद छत्तीसगढ़ ,जिला मुंगेली के सदस्य अशोक कुमार टोण्डे ने बताया कि एक पेड़ मां के नाम साझा काव्य संग्रह के लिए के लिए देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 650 कविताएँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें से श्रेष्ठ चयनित 31 रचनाकारों को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अग्रवाल द्वारा अंगवस्त्र, श्रीफल, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र एवं 1100 रूपये की नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किए गए। सम्मानित होने वाले रचनाकार पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उड़ीसा, तमिलनाडु एवं छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से थे। साझा काव्य संग्रह “एक पेड़ माँ के नाम” में प्रतियोगिता से चयनित श्रेष्ठ 151 कविताओं का संकलन किया गया है।कार्यक्रम का समापन साहित्य, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।
