
कबीरधाम, पंडरिया, कुणाल सिंह ठाकुर। पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कापादाह स्थित आयुष्मान पब्लिक हाई स्कूल में 26 जनवरी 2026, दिन सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल परिसर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी से हुई, जिसमें स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति नारों के साथ पूरे ग्राम कापादाह का भ्रमण किया। भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद के नारों से गांव का वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। ग्रामीणों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यक्रम की सराहना की।प्रभात फेरी के पश्चात स्कूल परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ध्वजारोहण के बाद बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत, नृत्य एवं छोटे-छोटे भाषण प्रस्तुत किए गए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया और देश के प्रति प्रेम व सम्मान की भावना को और मजबूत किया।इस अवसर पर आयुष्मान पब्लिक हाई स्कूल के प्राचार्य शशिकांत बंजारे ने अपने संबोधन में कहा कि“ऐसे कार्यक्रम बच्चों में देशभक्ति, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास करते हैं। छोटे-छोटे भाषण और सांस्कृतिक गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान पब्लिक हाई स्कूल में बहुत ही कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है। स्कूल में KG-1 से लेकर कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई संचालित है, जहां अनुभवी एवं प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा बच्चों को शिक्षा दी जाती है। वर्तमान में विद्यालय में लगभग 350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।प्राचार्य ने आगे बताया कि स्कूल में बच्चों को डिजिटल एवं कंप्यूटरीकृत माध्यम से भी पढ़ाया जाता है, जिससे वे आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जुड़ सकें और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।कार्यक्रम के दौरान प्रधान पाठक द्वारा बच्चों को संबोधित करते हुए बताया गया कि“26 जनवरी 1950 को हमारे देश में संविधान लागू हुआ था और भारत एक संपूर्ण गणराज्य बना। इसी गौरवपूर्ण दिन की याद में हम हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।”उन्होंने संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संविधान हमें स्वतंत्रता का अधिकार, समानता का अधिकार, शिक्षा का अधिकार सहित अनेक मौलिक अधिकार प्रदान करता है, जिनके बल पर भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बना है।कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों एवं शिक्षकों ने संविधान के आदर्शों पर चलने और देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।समूचा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं प्रेरणादायी रहा, जिसमें विद्यालय परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों की भी सराहनीय सहभागिता देखने को मिली।
