
राजनांदगांव, द मीडिया पॉइंट। सायबर धोखाधडी से प्राप्त धन राशि का उपयोग बैंक खाता धारका संवर्धक व मोबाइल नम्बर धारक के द्वारा किया गया है। उक्त संबंधित बैंक खाता के धारक के संबंध में वांछित जानकारी प्राप्त की गयी है उक्त धनराशि की प्राप्ति हेतु खाता खुलवाने व सहायता पहुंचाने वाले धारक/संपर्थक के द्वारा साधारणतः उक्त कार्य में अग्रसर रहकर अवैध धन जो साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को यह जानते हुये कि वह सम्पति बेईमानी व किसी प्रवंचनापूर्ण उपायों द्वारा प्राप्त की गयी है ऐसे संपत्ति को अभ्यासतः प्राप्त करते हुए और छिपाने में या व्ययनित करने में यह विश्वास करने का कारण रखते हुए संपत्ति का संवर्धन करना पाया गया है इसके अतिरिक्त उपरोक्त बैंक खातों के विरुद्ध संबंधित शिकायतों की विस्तृत जानकारी भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से प्राप्त कर देशनिक कार्य की जा सकती है अतएव म्यूल एकाउट धारकों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही हेतु प्राप्त दस्तावेजो की जांच पश्चात आरोपी मोबाईल धारकों के खिलॉफ अप0क्र0 380/25 धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) भारतीय न्याय संहिता कायम कर विवेचना में लिया गया, विवेचना के दौरान आरोपियो के बैक स्टेमेंन्ट प्राप्त कर
आरोपी 1. आवेश पिता अब्दुल रउफ खान उम्र 24 वर्ष साकिन गौरी नगर गली नं. 01 ओ0पी0 चिखली थाना कोतवाली जिला राजनांदगांव (छ0ग0)
2. मुकेश कुमार वैष्णव पिता बंशीदास वैष्णव उम्र 28 वर्ष साकिन दिनदयाल कॉलोनी कौरिन भांठा थाना बसंतपुर जिला राजनांदगांव (छ0ग0) को हिरासत में लेकर पूछताछ पर अपराध स्वीकार करने पर आज दिनांक 06.02.2026 को मामले में विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल राजनांदगांव में दाखिल किया गया।
