रायपुर। (कुणाल सिंह ठाकुर) राजधानी रायपुर के करीब गोबरा नवापारा क्षेत्र में इन दिनों फिल्मी स्टाइल में लकड़ियों का अवैध काला कारोबार चल रहा है। ‘पुष्पा’ फिल्म की तर्ज पर प्रतिबंधित लकड़ियों की तस्करी और भंडारण का खेल अब शासन-प्रशासन की रडार पर आ गया है।
🔥 द मीडिया पॉइंट का ‘ऑपरेशन ब्लैक वुड’पिछले कई दिनों से ‘द मीडिया पॉइंट’ की टीम को सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र के आरा मिल संचालक वन विभाग और राजस्व विभाग की आंखों में धूल झोंककर प्रतिबंधित लकड़ियों का विशाल साम्राज्य चला रहे हैं। हमारी टीम ने जान जोखिम में डालकर पहले ग्राउंड जीरो पर ‘सर्चिंग’ की और पुख्ता सबूत जुटाए।
🚨 शनिवार का एक्शन: जब मौके पर पहुंचे SDMआज दिनांक 14/03/2026 को मिले इनपुट के आधार पर राजस्व विभाग के SDM रवि सिंह ने तत्काल मोर्चा संभाला। उनके निर्देश पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार की टीम डुलना और तर्री ग्राम के लिए रवाना हुई।
लाइव ट्रैकिंग: पूरी कार्रवाई के दौरान ‘द मीडिया पॉइंट’ की टीम प्रशासन को पल-पल की लोकेशन भेजती रही।ग्राम डुलना में छापा: एक खेत के बाड़े में सैकड़ों की संख्या में प्रतिबंधित लकड़ियाँ छिपाकर रखी गई थीं। प्रशासन ने इन्हें रंगे हाथों पकड़कर जब्ती की कार्रवाई की।
देवांगन आरा मिल का कनेक्शन: बताया जा रहा है कि जब्त लकड़ी नवापारा के सोमवारी बाजार स्थित ‘देवांगन आरा मिल’ की है। सूत्रों के मुताबिक, इनका जाल अभनपुर तक फैला हुआ है, जिसका खुलासा जल्द होगा।
तर्री में ‘अरोरा’ की मिल पर कार्रवाई: तर्री ग्राम में अरोरा नामक व्यक्ति की आरा मिल पर भी छापा पड़ा, जहाँ बरसात के समय से बिना किसी वैध दस्तावेज के भारी मात्रा में लकड़ी डंप की गई थी।
⚠️ सिस्टम पर सवाल?हैरानी की बात यह है कि यह पूरा अवैध कारोबार वन विभाग और राजस्व विभाग की नाक के नीचे चल रहा था। आखिर इतने समय से इन आरा मिल संचालकों को किसका संरक्षण प्राप्त था?
“द मीडिया पॉइंट की टीम इस माफिया राज के खिलाफ लगातार डटी हुई है। अवैध भंडारण करने वाले अन्य मिल संचालकों की लिस्ट भी तैयार है। जल्द ही बड़े चेहरों से नकाब उतरेगा।”
मुख्य हाइलाइट्स:📍 स्थान: ग्राम डुलना और तर्री (गोबरा नवापारा)🪵 सामग्री: सैकड़ों की तादाद में प्रतिबंधित लकड़ियाँ।👮 मुख्य अधिकारी: SDM रवि सिंह एवं राजस्व टीम।🔎 अगला टारगेट: अभनपुर और आसपास के अवैध लकड़ी गोदाम।
