
नारायणपुर, द मीडिया पॉइंट। छत्तीसगढ़ के सुदूर अबूझमाड़ क्षेत्र से मानवता और समर्पण की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है। (ITBP) के जवानों ने कठिन परिस्थितियों के बीच एक गर्भवती महिला की जान बचाकर मिसाल कायम की है।
मामला नारायणपुर जिले के इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बोटेर का है जहां 27 मार्च को एक गर्भवती महिला की हालत गंभीर होने की सूचना सुरक्षा बलों को मिली। इलाके में सड़क सुविधा न होने के कारण एंबुलेंस का पहुंचना संभव नहीं था जिससे स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ITBP की 29वीं बटालियन के सहायक कमांडेंट अनिल कुमार के नेतृत्व में एक क्यूआरटी (QRT) टीम को तुरंत रवाना किया गया। जवानों ने घने जंगल और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों के बीच मौके पर पहुंचकर तत्काल एक अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया।
इसके बाद जवानों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए गर्भवती महिला को स्ट्रेचर पर उठाया और करीब 5 किलोमीटर तक पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं हारी और समय के खिलाफ दौड़ जारी रखी।
मुख्य मार्ग पर पहले से तैयार एंबुलेंस की मदद से महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ओरछा ले जाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
इस साहसिक और संवेदनशील अभियान के लिए ITBP और नारायणपुर पुलिस की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सुरक्षा बल न केवल देश की रक्षा करते हैं बल्कि जरूरत के समय आम नागरिकों के लिए देवदूत भी बन जाते हैं।
