
बिलासपुर, द मीडिया पॉइंट। बिलासपुर जिले में ईंधन की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति और उपयोग को लेकर नए नियम लागू कर दिए गए हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश में ईंधन की उपलब्धता पर असर देखा जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को नियंत्रित करने का फैसला लिया है ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और अवैध भंडारण व कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
जारी आदेश के मुताबिक, अब पेट्रोल पंप संचालक बिना प्रशासनिक अनुमति किसी भी उद्योग को डीजल की आपूर्ति नहीं करेंगे। विशेष परिस्थिति में जरूरत होने पर संबंधित एसडीएम या तहसीलदार से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, जिले में पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों में ही भरा जाएगा। किसी भी प्रकार के डिब्बे, केन या अन्य पात्र में ईंधन देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं कृषि कार्य, जनरेटर और छोटे उद्योगों के लिए डीजल की आपूर्ति पूर्व खपत के आधार पर ही की जाएगी और उसका रिकॉर्ड भी रखना होगा।प्रशासन ने पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन पर भी कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं।
सभी पेट्रोल पंपों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच होगी। यदि कहीं भी अवैध परिवहन या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन निर्देशों के पालन के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है जो लगातार जिले में निरीक्षण करेगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हैं और सभी संबंधितों को इनका सख्ती से पालन करना होगा।
