
राजनांदगांव, कुणाल सिंह ठाकुर। राजनांदगांव जिला एवं सत्र न्यायालय में आज सुबह अफरा-तफरी मच गई, जब बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। यह धमकी एक अज्ञात ईमेल के जरिए जिला न्यायालय की वेबसाइट पर भेजी गई थी जिसमें वीपीएन के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट
धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही न्यायालय परिसर को खाली कराया गया। न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
तीन घंटे तक चला सघन सर्च ऑपरेशन
बम स्क्वॉड और खोजी कुत्तों की मदद से न्यायालय परिसर के चप्पे-चप्पे की गहन जांच की गई। लगभग तीन घंटे से अधिक समय तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई भी संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई।
धमकी निकली झूठी, न्यायालय का कामकाज बहाल
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद जिला न्यायालय में सामान्य कामकाज दोबारा शुरू कर दिया गया। हालांकि, इस घटना के चलते न्यायालय का कामकाज लगभग तीन घंटे तक बाधित रहा।
अज्ञात ईमेल भेजने वाले की तलाश जारी
फिलहाल पुलिस अज्ञात ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या गिरोह की तलाश में जुटी हुई है। ईमेल किस स्थान से और किस उद्देश्य से भेजा गया इसकी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस मेल को ट्रेस करने के लिए साइबर टीम की मदद ले रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ाने की बात कही है।
