
लोरमी, कुणाल सिंह ठाकुर। लोरमी के झझपुरी गांव में हुए जैतखाम अग्निकांड के बाद हालात सामान्य करने के लिए प्रशासन और सतनामी समाज ने संयुक्त पहल की है। समाज के प्रमुखों और प्रशासन के बीच सहमति बनने के बाद गांव में नए जैतखाम की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।इस मुद्दे को लेकर बीते एक दिन में प्रशासन और सतनामी समाज के प्रतिनिधियों के बीच तीन चरणों में बैठक हुई। बैठकों के बाद समाज की मांग पर नए जैतखाम की स्थापना को लेकर सहमति बनी, जिसके तुरंत बाद प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दीं। शनिवार सुबह समाज की ओर से विधि-विधान के साथ जैतखाम स्थापना की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। सबसे पहले जैतखाम के लिए लाई गई लकड़ी का विधिवत पूजन किया गया, इसके बाद उसे आकार देने का कार्य शुरू हुआ।गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जैतखाम स्थल सहित पूरे गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और गांव के सभी प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर जांच के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एसडीएम और एसडीओपी शुक्रवार रात से ही गांव में मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।जैतखाम में आगजनी के मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और साइबर टीम की मदद ली जा रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और जल्द खुलासे का दावा कर रही है।गौरतलब है कि शुक्रवार रात अज्ञात व्यक्ति द्वारा सतनामी समाज के प्रतीक स्तंभ जैतखाम में आग लगा दी गई थी, जिससे समाज में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले को लेकर डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश बताया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि समाज के प्रमुखों से लगातार संवाद जारी है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
