
रायपुर (कोटा रोड): कुणाल सिंह ठाकुर। राजधानी में कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद भी अवैध कारोबारियों के हौसले पस्त होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला कोटा रोड स्थित बंद हो चुके RK मॉल के ठीक पीछे का है, जहाँ प्रशासन की नाक के नीचे एक कबाड़ी का अवैध धंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।निगम की कार्यवाही बेअसर, रास्ते पर फिर कब्जाहैरानी की बात यह है कि कुछ समय पहले ही नगर निगम ने इस अतिक्रमित अड्डे पर कार्यवाही करते हुए इसे उखाड़ फेंका था। लेकिन नियम-कानूनों को ताक पर रखकर, इस कबाड़ी ने एक बार फिर मुख्य रास्ते पर कब्जा जमा लिया है। अब यहाँ न केवल प्लास्टिक, बल्कि बिना किसी वैध कागजात के भारी मात्रा में लोहा और स्टील का व्यापार किया जा रहा है, जिसके लिए अनिवार्य जीएसटी (GST) और व्यापारिक लाइसेंस का नामोनिशान नहीं है।बीच सड़क पर तौल मशीन: कानून को खुली चुनौतीकबाड़ी के हौसले इतने बुलंद हैं कि उसने आवाजाही वाले रास्ते पर ही अपनी भारी-भरकम तौल मशीन (वजन कांटा) लगा रखी है। इस अवैध अतिक्रमण के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।खाकी पर गंभीर आरोप: “गाड़ी रुकती है और नोटों की गड्डी चली जाती है”इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा सूत्रों के हवाले से हुआ है। बताया जा रहा है कि इस अवैध धंधे को स्थानीय ‘वर्दीधारियों’ का खुला संरक्षण प्राप्त है। सूत्रों का दावा है कि आए दिन पुलिसकर्मियों की गाड़ियाँ यहाँ रुकती हैं और “मंथली” या “नोटों की गड्डियों” के लेन-देन के बाद चुपचाप निकल जाती हैं।कमिश्नर सिस्टम पर सवालरायपुर में अपराध और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कमिश्नर प्रणाली लागू की गई है, लेकिन जब रक्षक ही भक्षकों के मददगार बन जाएं, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? वर्दी के भरोसे पनप रहे ये GST चोर न केवल सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं, बल्कि पुलिस विभाग की छवि पर भी दाग लगा रहे हैं।
