अंबिकापुर, द मीडिया पॉइंट। अंबिकापुर में हिरणों की मौत के बाद वन विभाग एक्शन मोड में आ गया है। जंगली जानवरों की सुरक्षा को लेकर अब आवारा और पालतू कुत्तों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। इसके तहत टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में कुत्तों की पहचान के लिए उनके गले में खास रंग का पट्टा पहनाया जाएगा।

हाल ही में अंबिकापुर के संजय पार्क में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत हुई थी। इसी घटना को गंभीरता से लेते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने पूरे प्रदेश के वन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति भी गठित की गई है।

वन विभाग ने साफ किया है कि टाइगर रिजर्व और वन्यजीव क्षेत्रों में कुत्तों की एंट्री रोकना जरूरी है। अगर कुत्ते अंदर पाए जाते हैं तो उन्हें पहचानने के लिए कलर पट्टा पहनाया जाएगा, जिससे यह पता चल सके कि वे पालतू हैं या आवारा।

वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा जारी एसओपी के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को भी जागरूक किया जाएगा कि वे अपने पालतू कुत्तों को जंगल की ओर न जाने दें। साथ ही, जरूरत पड़ने पर आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए एनीमल वेलफेयर बोर्ड के नियमों का पालन किया जाएगा।वन विभाग का मानना है कि इस पहल से वन्यजीवों पर हमले और बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

By Kunaal Singh Thakur

KUNAL SINGH THAKUR HEAD (प्रधान संपादक)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !! You are not allowed to copy this page, Try anywhere else.