
एमसीबी, द मीडिया पॉइंट। जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मामलों को समय रहते रुकवा दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली सूचना के आधार पर ग्राम कोडांगी, केलुआ और दुगला में होने जा रहे बाल विवाह को रोका गया।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तुरंत संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजा। टीम में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, पुलिस, विधिक सेवा प्राधिकरण, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
अधिकारियों ने तीनों स्थानों पर पहुंचकर विवाह की तैयारियों को रुकवाया और परिवारों को समझाइश दी। इस दौरान बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार लड़के की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होना अनिवार्य है। इसके अलावा बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें सजा और जुर्माना दोनों शामिल हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को खत्म करने में सहयोग करें और ऐसी किसी भी जानकारी की तुरंत सूचना दें।
