
मुंगेली, कुणाल सिंह ठाकुर। जिला मुंगेली के विकासखंड लोरमी के अंतर्गत आने वाले ग्राम झझपूरी कला में असामाजिक तत्वों द्वारा समाज की आस्था के केंद्र ‘जय स्तंभ’ को जलाने के कुप्रयास का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र के हिंदू समाज और विभिन्न संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। घटना की गंभीरता को देखते हुए ‘हिंदू धर्म संस्कृति सुरक्षा मंच’ मुंगेली इकाई ने आज जिला कलेक्टर को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जय स्तंभ को जलाने का प्रयास न केवल धार्मिक आस्था पर सीधा आघात है, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक सौहार्द, शांति और समरसता को भंग करने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। इस घृणित कृत्य की जितनी निंदा की जाए वह कम है, क्योंकि जय स्तंभ वर्षों से शांति, प्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक रहा है। समाज के प्रबुद्ध जनों का मानना है कि ऐसे कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकते और इसके पीछे छिपी मानसिकता की निष्पक्ष जांच होना अत्यंत आवश्यक है।ज्ञापन सौंपने के दौरान मंच के सदस्यों ने ग्रामवासियों द्वारा दिखाए गए धैर्य और एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी ग्रामीणों ने संयम बरतकर यह सिद्ध कर दिया है कि वे समाज में विघटन नहीं बल्कि शांति चाहते हैं। सुरक्षा मंच ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को रखते हुए कहा है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों की अविलंब पहचान कर उनका पर्दाफाश किया जाए। साथ ही दोषियों के विरुद्ध ऐसी कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए जो भविष्य में मिसाल बने ताकि कोई दोबारा ऐसी हिमाकत न कर सके।हिंदू धर्म संस्कृति सुरक्षा मंच ने जिला प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर पुलिस और प्रशासन की पैनी नजर रहे और जिले के तमाम आस्था स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों सहित समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
