
जांजगीर-चांपा, कुणाल सिंह ठाकुर। जांजगीर-चांपा जिले से एक संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। 11वीं कक्षा के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। छात्र के कमरे से पांच पन्नों का सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें उसने अपने इस कदम के लिए स्कूल के प्रिंसिपल और एक शिक्षक पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के आरसमेटा गांव का है। मृतक छात्र 11वीं की परीक्षा में फेल हो गया था जिसके बाद उसने स्कूल बदल लिया था। बताया जा रहा है कि परीक्षा में फेल होने के बाद से छात्र लगातार मानसिक दबाव में चल रहा था। परिजनों का कहना है कि छात्र अक्सर मानसिक तनाव में रहता था और खुद को अपमानित महसूस करता रहता था।
छात्र द्वारा छोड़े गए पांच पन्नों के सुसाइड नोट में उसने साफ तौर पर अपनी मौत के लिए पुराने स्कूल के प्रिंसिपल और एक शिक्षक को जिम्मेदार ठहराया है। नोट में मानसिक उत्पीड़न और अपमान का जिक्र किया गया है जिसने छात्र को अंदर से तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जमकर प्रदर्शन किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के चलते कुछ देर के लिए आवागमन भी बाधित रहा।
सूचना मिलने पर मुलमुला पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट के आधार पर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई यही सवाल कर रहा है – क्या छात्र की मौत के पीछे वाकई प्रताड़ना की सच्चाई छिपी है? यह कुछ और?
